आरव झटके से पलटा। कोई नहीं। लेकिन कमरे का दरवाज़ा... धीरे-धीरे... अपने आप बंद हो...
आरव झटके से पलटा। कोई नहीं। लेकिन कमरे का दरवाज़ा... धीरे-धीरे... अपने आप बंद हो गया। उसने तुरंत हैंडल घुमाया दरवाज़ा नहीं खुला। उसने रिसेप्शन पर फोन लगाया। कोई जवाब नहीं। तभी... कमरे के कोने से... एक बच्ची की आवाज़ आई... "भैया... क्या आप मुझे देख सकते हो?" ________________________________________ आरव ने आवाज़ की तरफ देखा... लेकिन वहाँ... सिर्फ अँधेरा था...
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