कबीर ने सोचा... शायद कोई मज़ाक कर रहा है। वह टैक्सी में बैठ गया। दरवाज़ा बंद हुआ...
कबीर ने सोचा... शायद कोई मज़ाक कर रहा है। वह टैक्सी में बैठ गया। दरवाज़ा बंद हुआ। टैक्सी चल पड़ी। दो मिनट बाद... कबीर ने मोबाइल निकाला। नेटवर्क... गायब था। GPS... बंद था। उसने बाहर देखा। सड़कें... मुंबई की नहीं थीं। ________________________________________ सामने लगे बोर्ड पर लिखा था... "स्वागत है... कालनगर में..."
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