दिल्ली... सर्दियों की एक रात... घड़ी में बारह बजकर अठारह मिनट हो चुके थे। रोहन.....
दिल्ली... सर्दियों की एक रात... घड़ी में बारह बजकर अठारह मिनट हो चुके थे। रोहन... एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर... आज पहली बार ऑफिस में इतनी देर तक रुका था। वह भागते हुए मेट्रो स्टेशन पहुँचा। स्टेशन लगभग खाली था। सिक्योरिटी गार्ड ने उसे देखा... और जोर से चिल्लाया... "रुको! आख़िरी मेट्रो में मत जाना!" लेकिन... रोहन ने उसकी बात नहीं सुनी। उसी समय... एक मेट्रो धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी। ________________________________________ दरवाज़ा खुलते ही... पूरा डिब्बा खाली था... सिर्फ... एक आदमी उसे घूर रहा था।
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