महल में परवरिश पाने वाले इस मासूम बच्चे को कोई नहीं जानता था कि यही अल्लाह का भे...
महल में परवरिश पाने वाले इस मासूम बच्चे को कोई नहीं जानता था कि यही अल्लाह का भेजा हुआ नबी है। फ़िरऔन, जो बनी इस्राईल के बच्चों को क़त्ल करवा रहा था, उसी के महल में अल्लाह की हिफ़ाज़त में हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम पल रहे थे। यह अल्लाह की ऐसी तदबीर थी, जिसके सामने दुनिया की हर चाल नाकाम हो गई। वक़्त गुज़रता गया और हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम जवान हो गए। अल्लाह तआला ने उन्हें हिकमत, इल्म और बेहतरीन अख़लाक़ से नवाज़ा। एक दिन वह शहर में दाख़िल हुए, तो उन्होंने देखा कि दो आदमी आपस में लड़ रहे हैं। उनमें से एक बनी इस्राईल में से था और दूसरा फ़िरऔन की क़ौम का था। बनी इस्राईल वाले ने मदद के लिए पुकारा। हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने उसे बचाने के इरादे से दूसरे आदमी को एक मुक्का मारा, लेकिन अल्लाह की मशीयत से उसी एक वार से उसकी मौत हो गई। यह देखकर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम को बहुत अफ़सोस हुआ। उन्होंने फ़ौरन अल्लाह तआला की बारगाह में तौबा की और अर्ज़ किया, "ऐ मेरे रब! मुझसे ग़लती हो गई। मुझे माफ़ फ़रमा।" अल्लाह तआला ग़फ़ूरुर्रहीम है, उसने अपने नबी की तौबा क़ुबूल फ़रमा ली। अगले दिन जब वह फिर शहर में निकले, तो
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